पंजाब सरकार की विफलताओं के खिलाफ भाजपा ने संभाला मोर्चा; सुशील शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने घेरा पुलिस कमिश्नर दफ्तर।
**जालंधर, 8 मई (शबद):** पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था और मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा भाजपा पर लगाए गए कथित आरोपों को लेकर राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। जिला भाजपा अध्यक्ष **सुशील शर्मा** की अध्यक्षता में आज सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के विरुद्ध एक विशाल रोष मार्च निकालकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। यह मार्च स्थानीय कचहरी चौक से शुरू होकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक पहुँचा, जहाँ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा नेताओं का आरोप है कि अमृतसर और जालंधर में हुए धमाकों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराकर मुख्यमंत्री अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री **मनोरंजन कालिया** ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ आम आदमी पार्टी की साठगांठ अब जगजाहिर हो चुकी है। वहीं, प्रदेश महामंत्री **राकेश राठौर** ने चेतावनी दी कि पंजाब में ‘तानाशाही राज’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और राज्य की जनता इन ‘गद्दारों’ को जल्द सबक सिखाएगी।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व संसदीय सचिव **कृष्ण देव भंडारी** ने मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले भगवंत मान अपनी ‘दागदार’ सरकार के किरदार को देखें। रोष मार्च के समापन पर भाजपा कोर ग्रुप के सदस्यों ने पुलिस कमिश्नर को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और केस दर्ज करने की पुरजोर सिफारिश की गई। मार्च में **सरबजीत सिंह मक्कड़, राजन अंगूराल, टीटू कपानिया** समेत जिले के तमाम दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी ने सरकार के खिलाफ उपजे जन-आक्रोश को स्पष्ट कर दिया। सुशील शर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा राष्ट्रहित और पंजाब की शांति के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी और सरकार के झूठे दावों को बेनकाब करके ही दम लेगी।

