*शब्द, संगरूर, 1 जून:** पंजाब भर में अपनी जायज मांगों और वेतन वृद्धि को लेकर आंदोलन कर रहे सेवा केंद्र कर्मचारियों के खिलाफ प्रबंधन कंपनी ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों पर शिकंजा कसते हुए कंपनी द्वारा बड़ी संख्या में कर्मियों को सेवा से बर्खास्तगी (नौकरी से निकालने) के नोटिस जारी किए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, केवल संगरूर जिले में ही लगभग 30 सेवा केंद्र कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के पत्र थमाए जा चुके हैं, जिसके बाद कर्मचारियों में भारी रोष है। इस बीच, आंदोलनकारी कर्मचारियों को अपना समर्थन देने के लिए पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री और अकाली दल (पुनरुत्थान) के वरिष्ठ नेता परमिंदर सिंह ढींडसा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। सरकार पर निशाना साधते हुए ढींडसा ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के बड़े-बड़े दावे करने वाली पंजाब सरकार का असली और जनविरोधी चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है।
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि वे कंपनी की इस दमनकारी नीति और धमकियों के आगे झुकने वाले नहीं हैं और अपनी हक्कों की लड़ाई को और तेज करेंगे। कर्मचारियों ने एक बड़ा दावा करते हुए बताया कि सरकार और कंपनी आगामी 7 जून को आयोजित होने वाले रोजगार मेले के माध्यम से सेवा केंद्रों के लिए नए कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बना रही है, ताकि उनकी हड़ताल को कुचला जा सके। इसके विरोध में कर्मचारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए एलान किया है कि वे अपने परिवारों के साथ उस रोजगार मेले वाले स्थान पर पहुंचेंगे और पंजाब सरकार के खिलाफ एक विशाल रोस प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
