चंडीगढ़ ब्यूरो :- हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार ने घोषणा की है कि राज्य की पुलिस और माइनिंग गार्ड में पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य उन जवानों को सम्मान और स्थायित्व प्रदान करना है, जिन्होंने अग्निवीर योजना के तहत सशस्त्र बलों में अपनी सेवा दी है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन्हें बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का लोन देने का ऐलान किया है। यह कदम उनकी आर्थिक स्थिरता को सुनिश्चित करने में सहायक होगा और उन्हें अपने भविष्य के लिए बेहतर योजनाएं बनाने में मदद करेगा।
पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण और 5 लाख तक का बिना ब्याज लोन
हरियाणा की सैनी सरकार के इस निर्णय से पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत तक का आरक्षण मिलेगा, विशेष रूप से पुलिस सेवा और माइनिंग गार्ड में। इससे अग्निपथ योजना के तहत सेवा देने वाले जवानों को एक स्थिर करियर विकल्प मिलेगा, जो उनके लिए एक बड़ा राहत का कारण होगा। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का लोन प्रदान करने से पूर्व अग्निवीरों को वित्तीय सहायता मिलेगी, जो उनके पुनर्वास और व्यक्तिगत परियोजनाओं के लिए उपयोगी होगी। यह कदम राज्य सरकार की ओर से एक सकारात्मक संकेत है, जो पूर्व सैनिकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हरियाणा सरकार के फैसले से पूर्व अग्निवीरों को नौकरी और आर्थिक सहायता
पूर्व अग्निवीरों के भविष्य और सुविधाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन हरियाणा सरकार के इस फैसले ने इन चिंताओं को काफी हद तक दूर कर दिया है। नायब सिंह सैनी की सरकार के इस कदम से आलोचकों को भी जवाब मिल सकता है, जिन्होंने अग्निपथ योजना के तहत सेवा देने वाले जवानों के भविष्य को लेकर सवाल उठाए थे। इस फैसले से पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में विशेष स्थान मिलने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी मिलेगी, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। हरियाणा सरकार का यह निर्णय राज्य के अन्य हिस्सों में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, जिससे अन्य राज्य सरकारें भी ऐसे कदम उठाने के लिए प्रेरित हो सकती हैं।