नव केसरी ब्यूरो :-रियो डी जनेरियो में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के ‘भुखमरी और गरीबी के खिलाफ लड़ाई’ सत्र में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में भारत के उल्लेखनीय प्रयासों को साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस दिशा में सफलता स्थायी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। अपने विचारों को रखते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार भारत ने सामूहिक प्रयासों के माध्यम से 25 करोड़ लोगों को गरीबी के जाल से बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गरीबी और भुखमरी से निपटने के लिए समावेशी विकास आवश्यक है, जो केवल ठोस योजनाओं और समाज के सभी वर्गों के सहभागिता से ही संभव है। भारत की विकास यात्रा में किए गए नीतिगत बदलावों और योजनाओं का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक सहयोग के जरिए इन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है, और इसके लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ-साथ संसाधनों का प्रभावी वितरण भी आवश्यक है। जी20 देशों से उन्होंने आग्रह किया कि वे एकजुट होकर मानवता के उत्थान के लिए काम करें, ताकि विश्व में एक ऐसा समाज बनाया जा सके जिसमें कोई भी भूखा न सोए और गरीबी की जंजीरों से मुक्त हो सके।