नव केसरी ब्यूरो :-UN महासभा में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने प्रभावशाली बयान से संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली और उसकी प्रभावशीलता पर कड़ा प्रहार किया। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र को बेनकाब करते हुए कहा कि विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश को शामिल न करने से इस संस्था की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता पर सवाल खड़े होते हैं। अपने बयान में उन्होंने पाकिस्तान पर भी जोरदार हमला किया और कहा कि “पाकिस्तान की जीडीपी केवल कट्टरपंथी विचारधारा से मापी जा सकती है।” इसके साथ ही जयशंकर ने पाकिस्तान के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने की आलोचना करते हुए कहा कि “इसका निर्यात केवल आतंकवाद के रूप में हो रहा है। दुनिया को दोष देने के बजाय, यह केवल उसका ‘कर्म’ है।” जयशंकर के इस बेबाक बयान ने एक बार फिर से भारत की मजबूत स्थिति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामने रखा है और दुनिया को दिखाया है कि भारत अपनी बात कहने में पीछे नहीं हटता, खासकर जब बात आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों की हो। विदेश मंत्री के इस बयान से संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता और पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीतियों पर सख्त रुख अपनाने का स्पष्ट संदेश दिया गया है।