चंडीगढ़, 3 मई:- पंजाब की सियासत में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यशैली और उनके कथित अनुचित व्यवहार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। जाखड़ ने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र और कैबिनेट बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री का व्यवहार लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अपने ही मंत्रियों और मुख्य सचिव (Chief Secretary) जैसे उच्च अधिकारियों को धमकाने और उनके साथ बदसलूकी करने की खबरें सामने आ रही हैं, जो राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक खतरनाक संकेत है।
सुनील जाखड़ ने राज्यपाल से पुरजोर अपील की कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और मुख्य सचिव को तलब कर वस्तुस्थिति का जायजा लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक ईमानदार नौकरशाही को संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करना राज्यपाल की जिम्मेदारी है ताकि अधिकारी बिना किसी डर या दबाव के अपना काम कर सकें। मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए जाखड़ ने विधानसभा में पारित ‘भरोसा मत’ की वैधानिकता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है और राजनीतिक लाभ के लिए सुरक्षा व्यवस्था का चयनात्मक वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा, राज्य के राजस्व और जीएसटी (GST) संग्रह जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की विफलता को लेकर भी भाजपा ने घेराबंदी की और राज्यपाल से इन संवैधानिक व प्रशासनिक चूकों पर कड़ा संज्ञान लेने का आग्रह किया।
