नव केसरी ब्यूरो :- जालंधर की अदालत ने नीरज जिंदल को कथित तौर पर धमकाने और गवाही से रोकने के मामले में बड़ा आदेश दिया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास-5, जालंधर ने थाना रामा मंडी पुलिस को प्रिंस लाहौरिया उर्फ सरबजीत सिंह और मीता लाहौरिया के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट में दायर याचिका में नीरज जिंदल की तरफ से पेश वकील मनित मल्होत्रा और मानव मल्होत्रा ने कहा कि उनके मुवक्किल सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और गैंगस्टरों से जुड़े मामलों की खबरें प्रकाशित करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग तस्करों और गैंगस्टरों के खिलाफ खबरें चलाने के कारण उन पर कई बार हमला किया गया।
याचिका के अनुसार, प्रिंस लाहौरिया और मीता लाहौरिया पर आरोप है कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर नीरज को कई बार जान से मारने की धमकी दी, घर और दफ्तर पर हमला किया तथा पत्थरबाजी भी की। शिकायत में यह भी कहा गया कि अदालत में गवाही देने से रोकने के लिए उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा था। कोर्ट के रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख किया गया कि इस संबंध में पहले से थाना रामा मंडी में FIR नंबर 163/2023, 320/2023 और 345/2023 दर्ज हैं, जिनमें ट्रायल चल रहा है।
नीरज जिंदल इन मामलों में गवाह हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि शिकायत और रिकॉर्ड के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 232 के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। कोर्ट ने थाना रामा मंडी के SHO को निर्देश दिए हैं कि दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच कानून के अनुसार की जाए।
