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पटियाला के चहल गांव स्थित माधव फैक्टरी की पार्किंग से स्क्रैप से भरा ट्रक गायब: 3 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अभी तक FIR तक दर्ज नहीं!**

नव केसरी ब्यूरो :- मंडी गोबिंदगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र के पास पटियाला के चहल गांव से चोरी का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा प्रबंधों और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, आगरा से आया 10 टायरी ट्रक (नंबर PB 13 BR 9213) 23 जुलाई को लोहे के स्क्रैप से लोड होकर माधव स्टील फैक्टरी पहुंचा था। 25 जुलाई की दोपहर इस ट्रक को फैक्टरी की पार्किंग में खड़ा किया गया, लेकिन उसी रात अज्ञात चोर पूरे ट्रक को कीमती स्क्रैप समेत उड़ा ले गए।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हज़ारों टन औद्योगिक गतिविधियों वाले इस क्षेत्र से इतना बड़ा ट्रक रातों-रात कैसे गायब हो गया और किसी को भनक तक नहीं लगी? फैक्टरी प्रबंधकों की सुरक्षा व्यवस्था भी कटघरे में है। यदि पार्किंग में वाहनों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे, तो चोर इतनी आसानी से वारदात को अंजाम कैसे दे गए? इसके अलावा, घटना से जुड़ी सिर्फ एक दिन की सीसीटीवी फुटेज ही मिली है, वह भी इतनी अधूरी कि चोरों का कोई स्पष्ट हुलिया या पहचान सामने नहीं आ पा रही है। इससे यह भी सवाल उठता है कि क्या फैक्टरी के सीसीटीवी कैमरों का सही रखरखाव हो रहा था?
पीड़ित पक्ष की ओर से इस मामले की शिकायत थाना भादसों में दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन चोरी को तीन दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक एफआईआर (FIR) दर्ज न होना कई तरह के संदेह पैदा कर रहा है। जब लाखों रुपये के माल से भरा एक बड़ा व्यावसायिक ट्रक चोरी हो जाए, तो पुलिस कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? वहीं दूसरी ओर, पटियाला पुलिस पिछले कई दिनों से वीआईपी (VIP) ड्यूटी में व्यस्त बताई जा रही है, जिससे आम लोगों में चर्चा है कि सुरक्षा व्यवस्था केवल वीआईपी प्रबंधों तक ही सीमित होकर रह गई है।
इस घटना से ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि फैक्टरी की पार्किंग में खड़े वाहन भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह व्यापार और ट्रांसपोर्ट उद्योग के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है। फिलहाल सभी की नजरें पटियाला पुलिस पर टिकी हैं—क्या पुलिस ट्रक (PB 13 BR 9213) का कोई सुराग जुटा पाएगी, या यह मामला भी अनसुलझी चोरियों की फाइलों में दबकर रह जाएगा?

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