नव केसरी ब्यूरो :- जालंधर के काला सिंघा रोड स्थित चर्च कॉलोनी के पास कथित तौर पर चार खेतों में बिना जरूरी सरकारी मंजूरियों के काटी जा रही अवैध कॉलोनी को लेकर स्थानीय निवासियों और संभावित खरीदारों में भारी रोष और संशय का माहौल है। आम परिवार अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई जोड़कर आशियाने का सपना संजोता है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और सरकारी एनओसी की अनदेखी कर काटे जा रहे इन प्लॉटों के पीछे बड़ा खेल सामने आ रहा है। संबंधित कॉलोनाइजर के पुराने प्रोजेक्ट्स—जैसे जे.ई. कॉलोनी, पिंक सिटी और गोकुल धाम—में भी पानी, सड़क और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसके साथ ही जमीन की खरीद-फरोख्त में ड्राइवर के नाम पर पावर ऑफ अटॉर्नी का सहारा लेकर प्लॉट बेचने के दावों ने इस पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। बड़ा सवाल यह है कि यदि कॉलोनाइजर प्लॉट बेचकर निकल गया, तो बाद में बिजली, पानी और सीवरेज के कनेक्शन के लिए खरीदार किस सरकारी दफ्तर के चक्कर काटेंगे। जनता अब सीधे तौर पर मेयर और नगर निगम कमिश्नर से जवाब मांग रही है कि आखिर इस कथित प्रोजेक्ट का लेआउट प्लान, मंजूरियां और जमीन के मालिकाना हक की निष्पक्ष जांच कब होगी, ताकि मासूम लोगों की मेहनत की कमाई को ठगी और कानूनी पचड़ों में फंसने से समय रहते बचाया जा सके।
